पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मुहाने पर मालदा जिले के गजोले ब्लॉक में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। गुरुवार को गजोले के माझरा अंचल अंतर्गत चांदहार गांव में एक विशेष योगदान सभा का आयोजन किया गया, जहाँ तृणमूल कांग्रेस (TMC), सीपीआई(एम) और कांग्रेस छोड़कर कई कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया।गजोले से भाजपा प्रत्याशी चिन्मय देब बर्मन ने नए सदस्यों को पार्टी का झंडा थमाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने दावा किया:”जो कार्यकर्ता आज भाजपा में शामिल हुए हैं, वे पहले टीएमसी, सीपीएम और कांग्रेस में सक्रिय थे।
उन्होंने महसूस किया है कि उन दलों में रहकर वे अपने गांव का विकास नहीं कर पाए। बंगाल में असली विकास के लिए भाजपा की सरकार बनाना जरूरी है, और इसी विश्वास के साथ वे हमारे साथ आए हैं।”भाजपा के इस दावे को तृणमूल कांग्रेस ने सिरे से खारिज कर दिया है। टीएमसी नेतृत्व का कहना है कि यह केवल चुनावी स्टंट है।टीएमसी का बयान: “भाजपा प्रत्याशी के पास खुद के पैरों तले जमीन नहीं है। वे झूठे दावे करके अपनी ओर हवा मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं होगा।
गजोले की जनता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विकास कार्यों के साथ है और चुनाव में इसका प्रमाण मिल जाएगा।”गजोले सीट पर इस दलबदल के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। जहाँ भाजपा इसे अपनी बढ़ती ताकत बता रही है, वहीं सत्ताधारी दल इसे भाजपा की हताशा करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कार्यकर्ताओं का यह फेरबदल चुनावी नतीजों पर क्या असर डालता है।
