यूपी में हुए एसआईआर के बाद जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में बिहार से भी ज्यादा छटनी हो गई है। निर्वाचन आयोग ने जो ड्राफ्ट सूची जारी की है उसमें करीब तीन करोड़ वोटरों के नाम कटे हैं। ये बिहार की ड्राफ्ट सूची से भी कहीं ज्यादा है। हालांकि निर्वाचन आयोग ने कहा है कि जिन लोगों को भी वोटरों के नाम कटने पर आपत्तियां वह छह फरवरी तक अपनी आपत्तियों को दर्ज करा सकते हैं। 12 मार्च को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
मंगलवार को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी करते हुए बताया कि एसआईआर के समय करीब 15.44 करोड़ मतदाता थे, लेकिन एसआईआर की प्रक्रिया के बाद 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। अब ड्राफ्ट मतदाता सूची में फिलहाल 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। जिन वोटरों के नाम कटे हैं, उनमें 46.23 लाख मृत, 2.17 करोड़ स्थानांतरित और 25.47 लाख डुप्लीकेट, 79.52 लाख वोटर शामिल हैं।
रिनवा ने कहा कि चुनाव आयोग ने घर-घर जाकर गिनती का अभियान चलाया था, जिसमें वोटरों या उनके परिवार के सदस्यों को गिनती के फॉर्म भरने और साइन करने थे। हालांकि यह एक्सरसाइज मूल रूप से 11 दिसंबर को खत्म होने वाली थी, लेकिन राज्य ने देखा कि बड़ी संख्या में वोटरों लगभग 2.97 करोड़ के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हो रहे थे, जिसके बाद राज्य ने अतिरिक्त 15 दिन का समय मांगा था। उन्होंने कहा, ड्राफ्ट सूची में करीब 18.70 फीसदी वोटरों के नाम काटे गए हैं। सभी जिलों में ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया है। उन्होंने बताया, छह फरवरी तक मतदाता सूची पर दावे व आपत्तियां की जाएंगी। वहीं मंगलवार से लेकर 27 फरवरी तक इन दावे व आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन छह मार्च को किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया, सबसे ज्यादा 12 लाख मतदाताओं के नाम लखनऊ में कटेंगे। वहीं प्रयागराज में 11.56 लाख, कानपुर नगर में नौ लाख, आगरा में 8.36 लाख, गाजियाबाद में 8.18 लाख, बरेली में 7.14 लाख, मेरठ में 6.65 लाख, गोरखपुर में 6.45 लाख, सीतापुर में 6.23 लाख और जौनपुर में 5.89 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने बताया कि 12.55 करोड़ में से 91 प्रतिशत की मैपिंग हो गई है। अब 1.04 करोड़ को नोटिस जाएगी। यह 8 प्रतिशत हैं। सीईओ ने कहा कि फ़ार्म 6 भरें नए मतदाता बनने को। करेक्शन व शिफ्ट होने वाले फॉर्म 8 भरें । अगर किसी सदस्य जो अब जीवित नहीं है या दूसरी जगह चले गए हैं तो नाम हटाने को फॉर्म 7 भरें। अभी तक नए मतदाता बनने को 15.78 करोड़ ने फॉर्म भरा है।
