बर्धमान की ३३ वर्षीय गृहिणी मधबिलाता कुंडू, जिनका २०२३ में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था, की अत्यंत जोखिम भरी गर्भावस्था को मणिपाल हॉस्पिटल मुकुंदपुर के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक संभाला है। डॉ. उपल सेनगुप्ता और डॉ. शिल्पिता बनर्जी के नेतृत्व में एक बहु-विषयक टीम ने इस मामले का प्रबंधन किया। रोगी १६ (सोलह) सप्ताह की गर्भावस्था के साथ अस्पताल आई थी और उसे उच्च रक्तचाप तथा हाइपोथायरायडिज्म जैसी कई जटिलताएँ थीं।
डॉ. बनर्जी के अनुसार, लंबे समय तक चलने वाली इम्यूनोसप्रेसिव थेरेपी और पिछली स्वास्थ्य समस्याओं के कारण माँ और बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती थी। सतर्क निगरानी और समन्वित टीम वर्क के माध्यम से, डॉक्टर ग्राफ्ट फंक्शन (किडनी की कार्यक्षमता) को सुरक्षित रखते हुए गर्भावस्था को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में सफल रहे।
