सिलीगुड़ी और उसके आसपास के इलाकों में गुरुवार रात से हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। पिछले २४ घंटों में सिलीगुड़ी में ८२ मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक बारिश है। इस अचानक आई बाढ़ जैसी स्थिति ने हाकिमपाड़ा, कॉलेजपाड़ा, चम्पासारी और प्रधाननगर जैसे प्रमुख इलाकों के निवासियों को परेशान कर दिया है, जिसके बाद लोगों ने तृणमूल कांग्रेस द्वारा संचालित सिलीगुड़ी नगर निगम की मानसून पूर्व तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया है कि नगर निकाय नालियों की सफाई और गाद निकालने में पूरी तरह विफल रहा है, जिससे मामूली बारिश में भी शहर डूब रहा है।
दूसरी ओर, मेयर गौतम देब ने सफाई और नागरिक अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और कहा कि शहर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, जैसे भूमिगत केबल और गैस पाइपलाइन बिछाने के कारण नालियों में अस्थाई रुकावटें आई हैं। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को तुरंत मलबा हटाने और जल निकासी सुचारू करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और सिक्किम सहित इस क्षेत्र में १६ मार्च तक भारी बारिश जारी रह सकती है, और अगले २४ घंटों में ७० मिमी से ११० मिमी तक वर्षा होने का अनुमान है। प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
