झंझारपुर-निर्मली रेलखंड पर रविवार शाम तमुरिया स्टेशन के समीप ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) का इंसुलेटर टूटकर लटक जाने से ट्रेन परिचालन करीब ढाई घंटे तक ठप रहा। लोको पायलट की सूझबूझ व तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रविवार शाम लगभग छह बजे तमुरिया स्टेशन से आगे पोल संख्या 50.04 के पास से एक मालगाड़ी गुजर रही थी। इसी दौरान लोको पायलट की नजर टूटे हुए ओएचई इंसुलेटर पर पड़ी। लोको पायलट नेतत्काल इसकी सूचना स्थानीयस्टेशन मास्टर और कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही रेल प्रशासन हरकत में आया और सुरक्षा के मद्देनजर इस खंड की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससेरेल यातायात पूरी तरह रुक गया।
पर सूचना पर पीआरडी (पीडब्लूडी रेल डिवीजन) वैन को तुरंत घटनास्थल भेजा गया। तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू
किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद टूटे हुए इंसुलेटर को दुरुस्त किया गया। रात 8 बजकर 35 मिनट पर ओएचई को पूरी तरह ठीक कर रेल यातायात पुनः बहाल किया गया। परिचालन शुरू होने के बाद सबसे पहले घटनास्थल पर रुकी हुई मालगाड़ी रवाना किया गया। आरपीएफ प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि घटना की को
जानकारी मिलते ही सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। गौरतलब है कि इससे पहले भी घोघरडीहा और सरायगढ़ के पास ओएचई के कलपुर्जे टूटने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके कारण यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा था।
ओएचई का इंसुलेटर टूटा परिचालन ढाई घंटे ठप
