भारत का डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र वर्तमान में पहले से कहीं अधिक सक्रिय और विकसित हो चुका है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश के पचासी प्रतिशत से अधिक घरों में स्मार्टफोन पहुँच चुके हैं और युवाओं के बीच डिजिटल बैंकिंग के लिए यूपीआई का पूर्ण वर्चस्व है। वर्तमान में लगभग छियासी दशमलव तीन प्रतिशत भारतीय परिवारों को उनके घर के भीतर ही इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है, जो देश में बढ़ती डिजिटल पैठ को दर्शाता है।
इस डिजिटल प्रगति के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं। पीडब्ल्यूसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल लगभग एक-चौथाई भारतीय कंपनियों ने पिछले तीन वर्षों के दौरान विभिन्न साइबर हमलों के कारण दस लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का भारी वित्तीय नुकसान झेला है। ऐसी स्थिति में, एसबीआई जनरल इंश्योरेंस डिजिटल नागरिकों को इन खतरों के प्रति जागरूक और आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाकर उन्हें निरंतर सशक्त करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
