ED ने अवैध कॉल सेंटर मामले में बंगाल भर में 10 जगहों पर छापा मारा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी एक कथित अवैध कॉल सेंटर सिंडिकेट को निशाना बनाकर की गई थी। 2026 के विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित होने के ठीक 24 घंटे बाद ही, केंद्रीय एजेंसियां ​​राज्य भर में 10 जगहों पर पहुँच गईं। यह तलाशी अभियान मुख्य रूप से सिलीगुड़ी, हावड़ा, बिधाननगर और दुर्गापुर जैसे बड़े केंद्रों पर केंद्रित था। एजेंसी एक बड़े धोखाधड़ी रैकेट के वित्तीय लेन-देन का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिसने कथित तौर पर कई नागरिकों को ठगा है।

इस अभियान के दौरान, एजेंसी ने इस घोटाले से जुड़े कई अहम लोगों पर ध्यान केंद्रित किया, जिनमें सुराश्री कर, सम्राट घोष और सुभाजीत चक्रवर्ती शामिल हैं। अधिकारियों का मानना ​​है कि ये कॉल सेंटर वित्तीय उगाही और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए एक मुखौटे (फ्रंट) के तौर पर काम कर रहे थे। जहाँ एक ओर प्राथमिक जाँच भोले-भाले पीड़ितों के पैसों के गबन पर केंद्रित है, वहीं दूसरी ओर इन छापों के समय को लेकर यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि क्या इन पैसों का इस्तेमाल राजनीतिक चंदे या चुनावी प्रलोभन देने के लिए किया जा रहा था।

केंद्रीय एजेंसी का यह कदम ऐसे संवेदनशील समय पर आया है, जब रविवार को चुनाव आयोग की घोषणा के बाद राज्य में ‘आदर्श आचार संहिता’ (Model Code of Conduct) लागू हो चुकी है। ED फिलहाल इन जगहों से जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों के विवरण और सर्वर लॉग की बारीकी से जाँच कर रही है, ताकि इस धोखाधड़ी के कुल दायरे का पता लगाया जा सके। जाँचकर्ता पैसों की “लेयरिंग” (layering) की भी जाँच कर रहे हैं; यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चोरी किए गए पैसों को कई ‘शेल खातों’ (shell accounts) के ज़रिए घुमाया जाता है ताकि उसके असली स्रोत को छिपाया जा सके—जो कि मनी लॉन्ड्रिंग की एक जानी-मानी निशानी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *