शुक्रवार तड़के करीब 2:10 बजे 19616 डाउन कविगुरु एक्सप्रेस को चलाते समय लोको पायलट श्री पी. कुमार और सहायक लोको पायलट के. मंडल ने एक बेहद संवेदनशील और साहसिक निर्णय लिया। नागराकाटा और चालसा स्टेशन के बीच किमी 69/0 के पास उन्होंने देखा कि एक जंगली हाथी और उसका शावक रेलवे लाइन पार कर रहे हैं।
उन्होंने तत्काल सतर्कता बरतते हुए ट्रेन को नियंत्रित किया और पूरी तरह रोक दिया ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। उनकी सूझबूझ और त्वरित निर्णय के कारण किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि नहीं हुई।
इस कारण ट्रेन को लगभग 23 मिनट तक रोक कर रखा गया, लेकिन किसी तरह का कोई हादसा नहीं हुआ। रेलवे प्रशासन ने लोको पायलट की इस जिम्मेदारी और सतर्कता की प्रसंशा की है।
