मालदा में 600 साल पुराना ऐतिहासिक जलालपुर रथ मेला की अनुमति नहीं देने पर बढ़ा बवाल

एक तरफ जब मुख्यमंत्री ने दीघा में जगन्नाथ देव मंदिर का उद्घाटन बड़े धूमधाम से किया है रथ यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। उसी समय मालदा में 600 साल पुराना ऐतिहासिक जलालपुर रथ मेला बंद कर दिया गया है। जिसका जिक्र बेनीमाधव शील की फुल फुल पंजिका में मिलता है। ग्रामीणों का आरोप है कि किसी रहस्यमयी कारण से पुलिस रथ मेला  की अनुमति नहीं दे रही है। ग्रामीणों को मजबूरन जिला शासक से रथ मेला लगाने की मांग करनी पड़ी है। 

मालदा के कालियाचक थाने के अंतर्गत जलालपुर इलाका है। करीब 629 सालों से इस इलाके में रथ यात्रा निकलती आ रही है। रथ यात्रा के आसपास रथ मेला लगता है। इस मेले में सभी धर्मों के लोग हिस्सा लेते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों से पुलिस मेला नहीं लगने दे रही है। और यही बात स्थानीय लोगों के मन में घर कर गई है। हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग चाहते हैं कि रथ मेला लगे। उन्हें मजबूरन जिला प्रशासन से लेकर प्रशासन के विभिन्न विभागों से मेला लगाने की मांग करनी पड़ी है। और इस घटना को लेकर राजनीतिक बवाल शुरू हो गया है। 

भाजपा का साफ आरोप है कि एक समूह उस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है, जहां यह मेला लगता है। सत्ताधारी पार्टी का गुप्त समूह मूल रूप से पुलिस का इस्तेमाल कर मेले को न होने देने का दबाव बना रहा है। तृणमूल का दावा है कि पुलिस ने इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया है, लेकिन इस उलझन को सुलझा लिया जाएगा।

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